इस्लामाबाद में पहला हिन्दू मंदिर

इस्लामाबाद में 10 करोड़ की लागत से बनेगा पहला हिन्दू मंदिर

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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पहले हिन्दू मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह मंदिर पाकिस्तान सरकार पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए बनवा रही है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का हाल कैसा है, यह किसी से भी छिपा नहीं है। पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का बर्ताव करता इसकी न्यूज़ आए दिन न्यूज़ चैनलों पर देखने को मिल जाती है।

इस्लामाबाद में भगवान श्री कृष्ण का मंदिर बनाया जा रहा है। इस मंदिर के लिए पकिस्तान सरकार ने 10 करोड़ रुपए का बजट दिया है। भगवान कृष्‍ण के इस मंदिर को इस्‍लामाबाद के H-9 इलाके में 20 हजार वर्गफुट के इलाके में बनाया जा रहा है।

मंगलवार को पाकिस्‍तान के मानवाधिकारों के संसदीय सचिव लाल चंद्र माल्‍ही ने इस मंदिर की आधारशिला रखी। मल्ही ने इस दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लिए इस्लामाबाद में श्मशान की कमी पर खेद भी जताया।

पाकिस्तान के डॉन समाचार के मुताबिक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अप्लसंख्यकों यानी हिन्दुओं की आबादी बढ़ी थी जिसके बाद वहां उनके धार्मिक गतिविधियों और पूजा पाठ करने के लिए मंदिर की आवश्कता मशूश हुई थी। डॉन समाचार ने जो खबर छापी है वह सरासर गलत है जबकि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की आबादी आजादी के बाद से लगातार घटी ही है और पाकिस्तान का मीडिया सरकार की तरफदारी करने से बाज नहीं आता।

इस्लामाबाद में बन रहे मन्दिर का नाम वहां की हिन्दू पंचायत श्री कृष्ण मंदिर रखा है। मंदिर परिसर में एक श्मशान स्थल भी होगा, इसके अलावा अन्य धार्मिक संस्कारों के लिए अलग-अलग संरचनाओं के लिए जगह होगी। इस मंदिर के लिए वर्ष 2017 में जमीन दी गई थी। हालांकि मंदिर के निर्माण कार्य कुछ कारणों की वजह से 3 साल से लटका है।

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पाकिस्तान मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाकिस्तान में लगातार अल्पसंख्यकों की आबादी घटती जा रही है इसका मुख्य कारण है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों हिंदू समुदाया की बेटियों का अपहरण कर उनका धर्मपरिवर्तन कराया जाता है।

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