भारत गज़वा ए हिन्द तुर्की

भारत में गज़वा ए हिन्द करना चाहता है तुर्की, मुस्लिमों को बनाया जा रहा कट्टर जिहादी

ट्रेंडिंग प्रमुख खबरें विदेश

भारत में आतंकवाद फैलाने की लिस्ट में पाकिस्तान सबसे आगे रहा है। परंतु अब ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान के साथ तुर्की भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। जब से यूएई और साउदी अरब के रिश्ते भारत के साथ अच्छे हुए हैं तब से ही तुर्की भारत में आतंकवाद फैलाने के काफी प्रयास कर रहा है। वह तुर्की में एक अलग ही किस्म का संगठन बनाने की सोच रहा है। जिससे वह भारत में आतंकवाद फैला सके।

यही नहीं बल्कि तुर्की ने पाकिस्तान जैसे देशों को मिलाकर एक गैर अरब इस्लामिक संगठन बनाने का प्रस्ताव रखा है। हैरानी की बात यह है कि इसमें ईरान भी शामिल है। भारत ने कोरोना वायरस के समय ईरान की काफी मदद की परंतु वह भी तुर्की के साथ गैर अरब इस्लामिक संगठन में शामिल होने को तैयार हो गया है।

एक बार की बात है जो इमरान खान ने तुर्की की एक सभा में शामिल होने से आखिरी वक्त इनकार कर दिया था। हालांकि इसका जिम्मेदार रियाध को माना जा रहा है। परंतु तुर्की ने इमरान खान को मनाने की पूरी कोशिश कि है।

राफेल जेट प्लेन आने से टुकड़े-टुकड़े गैंग में खलबली

उसने केरल और कश्मीर के कट्टर मुसलमानों को और भी कट्टर बनाने की साजिश रची है। और वह इन मुसलमानों को जिहाद फैलाने के लिए तैयार कर रहा है। तुर्की ने कश्मीर के एक कट्टर अलगाववादी शायद अली खान को काफी आर्थिक मदद भी पहुंचाई है। केरल में जिहाद फैलाने के लिए मुसलमानों को 40 लाख रुपए दिए जाते हैं। तुर्की ने पाकिस्तान के समर्थन में कश्मीर के बारे में कई बातें भी कही थी। वहां के राष्ट्रपति ने यह बात कही थी कि जितना अहम कश्मीर पाकिस्तान के लिए है उतना ही अहम वह हमारे लिए भी है और तुर्की पाकिस्तान को कश्मीर पाने के लिए हर संभव रूप से सहायता करेगा।

लोगों को इतिहास नहीं भूलना चाहिए जब तुर्की में तानाशाही एवं गैर-जमूरियत वाली ओटोमन खिलाफत सरकार को बचाने के लिए भारत में अली ब्रदर्स ने मोहनदास करमचंद गाँधी से साथ मिलकर खिलाफत मूवमेंट चलाया था और देश के अलग-अलग हिस्सों में इस्लाम के नाम पर हिन्दुओं की निर्मम हत्या कर दी गई थी। यह बात उन लोगों को समझ में नहीं आने वाली है जो केवल नेहरू युग वाले इतिहास को मानते है और खुद को हिन्दू कहने पर भी शर्मिंदा महसूस करवाते है। तुर्की ने तो केवल एर्तुगाल टीवी सीरियल दिखाकर पूरी पाकिस्तानी कौम को फिर से तुर्की बनने पर यथाशित कर दिया है जबकि वास्तव में वह उन्हें द्विम दर्ज़े का मुस्लिम मानती है। 

Sharing is caring!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *