अयोध्या में अधर्म हो रहा ! यति नरसिंहानंद को किया गिरफ्तार, फैज़ खान का स्वागत

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छत्तीसगढ़ के निवासी फैज़ राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से जुड़े हुए हैं। यह अयोध्या के राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में शामिल होने वाले हैं जिसका विरोध करने के लिए जा रहे अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती महाराज को पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ रोक लिया। महाराज जी को कस्टडी में लेकर गाज़ियाबाद भेज दिया गया है।

हिंदू शक्ति दल ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को देकर पांच अगस्त को मुस्लिम युवक को शामिल होने से रोकने की मांग की है। गाज़ियाबाद स्थित शिवशक्ति पीठ दासना के संस्थापक यति नरसिंहानन्द सरस्वती महाराज बुद्धवार रात को यहाँ पहुंचे थे। यहां वह चौक सीता मठिया में मौजूद उदासीन पंचायती अखाड़ा में ठहरे थे।

दोपहर 12 बजे प्रेसवार्ता के बाद उन्होंने अयोध्या कूच की घोषणा की थी। जिसके बाद एलआइयू की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट विनीता सिंह, सीओ प्रवीण कुमार फोर्स के साथ सीता मठिया पहुंचकर संत को कस्टडी में ले लिया। इसके साथ ही संत की प्रेसवार्ता पर भी रोक लगा दी। गनीमत है की उदासीन पंचायती अखाड़ा के महंत मथुरादास के आग्रह पर पुलिस ने भोजन की छूट दे दी।

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अपराह्न एक बजे पुलिस यति नरसिंहानन्द सरस्वती को उनके शिष्य यति सत्यदेवानंद सरस्वती और यति सेवानंद सरस्वती को लेकर गाज़ियाबाद के लिए रवाना हो गई। यति नरसिंहानन्द सरस्वती ने कहा की श्रीरामजन्म भूमि को सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बनाने का अर्थ लाखों हिंदुओं के बलिदान को नकारना होगा जो कि धर्म मानवता के विपरीत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ रायपुर के निवासी तथा राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के फैज के भूमि पूजन में शामिल होने पर विरोध जताया।


सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने वालों में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद गोस्वा प्रमुख कृष्ण कुमार सक्सेना, मुनिराज सिंह, विवेक मिश्रा, अर्पित गुप्ता, अंकित मिश्रा, पुनीत त्रिवेदी, अरविंद मिश्रा, आशीष शुक्ला, मुकेश पाठक, श्याममोहन, सत्यम वर्मा, सचिन रस्तोगी, देव गुप्ता, आशीष गुप्ता, शोभित गुप्ता, आदि शामिल रहे। यति नरसिंहानन्द सरस्वती मात्र एक गैर धर्म के युवक के भूमि पूजन में शामिल होने को लेकर विरोध कर रहे हैं। और पुलिस शांति व्यवस्था बनाये रखने के नाम पर संत व उनके शिष्यों को रोककर गाज़ियाबाद के आश्रम लेकर चली गयी।

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