पाकिस्तान में गाय वध

पाकिस्तान में अल्लाह को खुश करने के लिए गाय का क्रेन वध

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पाकिस्तानियों का कुरपेची दिमाग कुछ ना कुछ खुराफाती करता रहता है। वहीं बकरीद के मौके पर पाकिस्तान ने अपनी एक और गंदी हरकत को अंजाम दिया जिसमें एक गाय की हत्या करने के लिए उसे क्रेन से काफी ऊपर उठाया फिर उसे ऊपर से छोड़ दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को देख कर कई लोगों के रोंमटे खड़े हो गए और कई लोगों ने अपने ट्विटर एकाउंट पर कई बातें लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी और क्रोध व्यक्त किया।

जिसमें से डॉक्टर वेदिका नाम की यूजर ने पूछते हुए लिखा कि अगर अल्लाह को खुश करने के लिए ये किया जा रहा है तो फिर शैतान कैसे खुश होगा ?  ये सोचने वाली बात है। तो वहीं प्रसिद्ध लेखक और इस्लाम पर कई पुस्तकें लिख चुके अंतरराष्ट्रीय लेखक तारिक फ़तेह ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि पाकिस्तान के लोग गोहत्या कर के बकरीद मना रहे हैं और इससे अल्लाह को ख़ुश करना चाह रहे हैं। आपको बता दें पाकिस्तान में गोहत्या आम बात है।

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हत्या के वक्त वहां के लोग क्या कर रहे थे ?

वीडियो में देखा जा सकता है कि गाय को क्रेन से उठाते वक़्त वहा के लोग खड़े होकर तमसा देख रहे थे। और किसी की आवाज़ तक नहीं फूटी कि ऐसा मत करो। जिसमें से कई लोग तो मनोरंजन के लिए खड़े थे। जैसे उन्हें मज़ा आ रहा हैं। वीडियो में साफ दिख रहा हैं कि गाय कितना तड़प रही थीं और छटपटा रही थीं।

जैसे ही गाय को ऊपर से नीचे छोड़ा गया वह रीढ़ की हड्डी के बल पर ज़मीन से टकराती है। जिसके बाद बैकग्राउंड से आवाज़ आती हैं कि चाकू लाओ, चाकू लाओ और वहा के लोग खड़े होकर गाय की गर्दन पर चाकू फिरते हुए मोबाइल से वीडियो बना रहे है।

क्रेन से हत्या करने के पीछे कारण क्या है ?

क्रेन से गाय, बैल की हत्या करने के पीछे की वजह जगह की कमी होना है। आप पूछेंगे ऐसा कैसे ? तो आपको बता दें कि पाकिस्तान में खासकर घनी आबादी वाले शहर कराची में हर कोई के पास अपनी जमीन नहीं है। धार्मिक रीति-रिवाजों के चलते उन्हें बकरीद के मौके पर गाय-बैल की कुर्बानी देने होती हैं। इसलिए फ्लैट में रहने वाले लोग छोटे-छोटे बछड़े या बाछी लेकर उसे छत पर पालते हैं। और जब बड़े हो जाते है, तो फिर उसे नीचे उतारने के लिए क्रेन का सहारा लेते हैं। क्योंकि उनके पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

धार्मिक रीति-रिवाजो का फायदा उठाकर पाकिस्तान के लोग ऐसे गंदे काम को अंजाम देते और इतने बड़े जानवर की हत्या कर देते है। जबकि ऐसा किसी भी ग्रंथ में नहीं लिखा गया है कि अल्लाह को खुश करने के लिए गाय-बैल या किसी भी जानवर की बलि दी जाती है। एक तरह हिंदुओं में गाय को गौ माता का दर्जा दिया जाता है जिसमें उनके 33 कोटि देवी देवताओं का वास है। वहीं दूसरी तरफ इस्लाम में वही गौ माता की बलि दी जाती है।

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