मृणाल पांडे डॉ कफील

नेशनल हेराल्ड संपादक मृणाल पांडे के लिए डॉ कफील है भगवान कृष्ण समान

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मथुरा जेल से विवादित डॉक्टर कफील खान की जमानत पर रिहा होने की खबर से प्रसन्न होकर, कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की समूह संपादक मृणाल पांडे ने डॉ कफील की भगवान कृष्ण के साथ तुलना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी के लिए उनकी घृणा एक खुला रहस्य है क्योंकि पांडे की प्रतिक्रिया बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं थी।

डॉ कफील की मथुरा जेल से रिहाई को भगवान कृष्ण के जेल से बाहर जाने से तुलना करी। पांडे ने जोर देकर कहा कि डॉ कफील भी सीएम योगी का अंत उसी तरह से करेंगे जैसे भगवान कृष्ण ने कंस को खत्म किया था। डॉ कफील गोरखपुर के बच्चों की मौत के मामले में एक आरोपी है, जिसके संबंध में पूछताछ चल रही है। बच्चों की मौत के मामले में अनुपस्थित रहने की फर्जी खबर फैलाने और अस्पताल में जबरन घुसने और उनके निलंबन के दौरान मरीजों का इलाज करने की कोशिश करने के लिए उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी।

पिछले साल दिसंबर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अपने भाषण के दौरान नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर भड़काऊ टिप्पणी करने के लिए उन्हें इस साल जनवरी में मुंबई में गिरफ्तार किया गया था। बाद में, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों को उसी मामले में यूपी पुलिस द्वारा चार्ज किया गया था।

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हालांकि, कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एनएसए के तहत उसके ऊपर रासुका को गैर-कानूनी करार दिया और जेल से उसकी रिहाई का आदेश दिया। अदालत के आदेश का कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने समर्थन किया था, जिन्होंने जेल से उनकी तेजी से रिहाई की मांग की थी।

डॉ कफील की रिहाई के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल उच्चतम न्यायलय जाना चाहिए। ऐसे देश विरोधी शख्स को ठोस सबूतों के अभाव में छूट मिल जाना सरकार की नाकामयाबी को दर्शाती है लेकिन उम्मीद है कि सरकार इस विवादित डॉक्टर पर नज़र रखेगी ताकि फिर से देश विरोधी काम करने की चेष्टा करने से पहले उसे इस बार हमेशा के लिए हिरासत में डाल दिया जाए। डॉ मृणाल पांडे केवल घृणा के मारे नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के किसी भी विरोधी को खुदा के समान बना सकती है क्योंकि उन्हें पत्रकारिता ने केवल एजेंडा साधना आता है।

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