पाकिस्तान की काल्पनिक नक़्शे वाली नापाक हरकत पर NSA अजीत डोभाल का वॉकआउट

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अजीत डोभाल का वॉकआउट : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों की एनएसए (नेशनल सिक्योरिटी अडवाइसज़ार) की बैठक से वॉकआउट कर दिया। इसके पीछे कारण है पाकिस्तान द्वारा जानबूझकर देश के “काल्पनिक नक़्शे” का पेश करना जो मेजबान रूस द्वारा ज़ारी एडवाइज़री की सख्त अवहेलना साबित हुई।

एक मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में, विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि एनएसए अजित डोभाल तब वर्चुअल मीटिंग छोड़ के चले गए जब पाकिस्तान के प्रतिनिधि डॉ मोईद यूसुफ द्वारा देश के नए नक़्शे को पेश किया जिसमें जम्मू और कश्मीर को विवादित क्षेत्र, तथा सर क्रीक एवं गुजरात के जूनागढ़ राज्य उसके क्षेत्र के में होने का दावा किया गया।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के चेयर रूस द्वारा आयोजित सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक में पाकिस्तानी एनएसए ने जानबूझकर एक काल्पनिक नक़्शा पेश किया, जिसे पाकिस्तान ने हाल ही में प्रचारित किया था, अनुराग श्रीवास्तव ने कहा।

उन्होंने कहा कि नक़्शे का प्रदर्शन “मेजबान (रूस) द्वारा ज़ारी एडवाइजरी और बैठक के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।” रूसी एनएसए से परामर्श करने के बाद, डोभाल ने उस मौके पर विरोध में बैठक छोड़ दी।

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विदेश मंत्रालय ने कहा, “जैसा कि उम्मीद की जा रही थी, पाकिस्तान ने इस बैठक के बारे में एक भ्रामक विचार पेश किया।” पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने दावा किया है कि एससीओ ने देश के नए राजनीतिक मानचित्र के संबंध में अपनी स्थिति पर सहमति व्यक्त की और विरोध में बैठक छोड़ने से पहले डोभाल द्वारा आपत्तियों को खारिज कर दिया।

पाकिस्तान के नए राजनीतिक नक़्शे का अनावरण प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्ज़ा देने वाले अनुच्छेद 370 के हटाए जाने की पहली वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर किया था।

पाकिस्तान का यह काल्पनिक नक़्शा जम्मू और कश्मीर को संपूर्ण रूप से एक विवादित क्षेत्र के रूप में दर्शाता है, जबकि सियाचिन को पाकिस्तान के हिस्से के रूप में भी शामिल किया गया है। यह कश्मीर के पूर्व में कोई सीमा नहीं दिखाता है, जहां चीन ने अक्साई चिन पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह सर क्रीक को पाकिस्तानी क्षेत्र के साथ-साथ जूनागढ़ की पूर्ववर्ती रियासत के कुछ हिस्सों में भी शामिल करता है।

भारत ने नक्शे की प्रामाणिकता को खारिज कर दिया है और इसे “राजनीतिक कवायद में मूर्खता” कहा है। “यह राजनीतिक कवायद में मूर्खता है, भारतीय राज्य गुजरात और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे केंद्र शासित प्रदेशों पर लगातार अप्रतिरक्ष्य दावों को उजागर कर रहा है। इन हास्यास्पद दावों की न तो कानूनी वैधता है और न ही अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता। वास्तव में, यह नया प्रयास केवल सीमा पार आतंकवाद द्वारा समर्थित क्षेत्रीय आंदोलन के साथ पाकिस्तान के आतंकी जुनून की वास्तविकता की पुष्टि करता है,” विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था।

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