जन्मदिन विशेष : 2024 में भी मोदी क्यों है देश की जरूरत?

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राष्ट्र की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए अपनी जान लड़ा दे वो नेता,
भारत माँ के मस्तक को पूरी दुनियाँ में ऊँचा कर दे , वो नेता।
सदियों की समस्याओं का जो न्यायोचित समाधान करदे, वो नेता।
परिवार से पहले राष्ट्र में रहने वाले नागरिकों का ख्याल रखे , वो नेता।

2024 में भी मोदी ! भारतीय राजनीति में एक लम्बे अंतराल के बाद 2014 में एक आमूल चूल परिवर्तन आया, इस ऐतिहासिक परिवर्तन की बुनियाद एक ऐसा व्यक्ति बना जो कभी संसद की सीढ़ियों तक भी नहीं पहुंचा था। लोकतंत्र की यही खूबसूरती है। 1984 के बाद पहली बार भारत की जनता ने नरेंद्र मोदी को बहुमत से प्रधानमंत्री बनाया। साथ ही जनता ने उन्हें भारत की आकांक्षाओं की पूर्ति की जिम्मेदारी भी सौंपी। भारत जैसे विशाल देश में प्रत्येक व्यक्ति को संतुष्ट कर पाना नामुमकिन है।

किन्तु मोदी ने अपनी कार्यशैली से जनता को विश्वास दिलाया कि वह दूसरे प्रधानमंत्रियों से एकदम अलग हैं। चाहे वह स्वच्छ भारत को जन आंदोलन बनाने की बात हो, या फिर घर की मूलभूत समस्याओं आवास, शौचालय गैस और बिजली कनेक्शन पहुंचाने की बात हो, प्रत्येक मुद्दे पर मोदी ने जनता के भरोसे को जीता। ये वो मुद्दे थे ,जिस कारण से जनता ने मोदी को 2019 में दुबारा बहुमत दिया ।

मोदी ने आखिर क्या किया?

मोदी सरकार ने बहुत सारे ऐतिहासिक फैसले लिए जो सदियों से प्रतीक्षा सूची में पड़े हुए थे :-

स्वच्छ भारत आंदोलन

किसी ने सोंचा नहीं था कि भारत जैसे विशाल देश में स्वच्छता एक जन आंदोलन बन सकता है। इस आंदोलन को पूरी जनता ने सराहा और बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। निश्चित ही इसके बाद पूरी दुनियाँ में भारत की छवि चमकी है ।

उज्वला योजना

भारत की महिलाओं की परेशानी को मोदी ने जिसप्रकार समझा शायद पहले किसी ने नहीं समझा। मुफ्त में गैस कनेक्शन देना एक मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ।

आवास और शौचालय

गरीबों को आवास और प्रत्येक घर मे शौचालय देने का जो संकल्प मोदी ने किया , उसने जनता का दिल जीत लिया।

बिजली

70 सालों से लाखों गांव बिजली विहीन थे, प्रत्येक गाँव में बिजली पहुंचाने का संकल्प मोदी ने लगभग पूर्ण किया है। जो इतिहास रचने जैसा है।

370 धारा और तीन तलाक खत्म

आजादी के बाद से ये दोनों समस्याएं विकराल रूप में मौजूद थी, जिनको मोदी ने बड़ी सूझ बूझ से समाप्त कर दिया है।।

राम मन्दिर विवाद का पटाक्षेप

सदियों से चले आ रहे रामजन्म भूमि के विवाद का मोदी सरकार के प्रयासों से न्यायपालिका द्वारा समाधान हुआ। यह ऐतिहासिक निर्णय हमेशा याद रखा जाएगा।

संशोधन कानून

पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक नागरिकों के हित में जो निर्णय मोदी सरकार ने लिया वह प्रशंसनीय है।

इस प्रकार मोदी सरकार ने अपने संकल्प पत्र में किये वादों को लगभग पूर्ण किया है। यह पहली ऐसी सरकार है जिसकी आलोचना विपक्ष इस लिए कर रहा है कि वह अपने वादे इतनी जल्दी क्यों पूर्ण कर रही है। अद्भुत उदाहरण है यह मोदी के ईमानदार होने का। वास्तव में यही मूल कारण है कि मोदी 2024 के बाद भी देश के लिए जरूरी हैं। भारतीय राजनीति में अभी मोदी का विकल्प नहीं दिखाई देता।

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