क्या है बलिया गोलीकांड? जानिए अब तक का पूरा घटनाक्रम

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बलिया में गुरुवार को हुए गोलीकांड ने यूपी की सियासत में भूचाल ला दिया है। सीओ और एसडीएम जैसे बड़े अफसरों की मौजूदगी में खुलेआम गोली मारकर हत्या हो जाती है।इस मामले का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। हालांकि कुछ अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।बलिया के डीएम हरिप्रताप शाही ने कहा कि इस मामले में आठ लोग नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें सात लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है।

गौरतलब है कि बलिया के दुर्जनपुर गांव में बड़े अफसरों की टीम के सामने ही गोलियों की बारिश कर दी गई और एक शख्स को मार डाला गया। जिस जगह पर हंगामा बरपा है, उस समय सस्ते गल्ले की दुकान के लिए बैठक चल रही थी।वहां खुद एसडीएम और सीओ साहब मौजूद थे। लेकिन इसके बाद भी मर्डर हो गया। इसके अलावा कई थाने की पुलिस मौजूद थी। गोली मारने वाले आरोपी का नाम धीरेंद्र प्रताप सिंह है जो बलिया के बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी बताया जा रहा है। मृतक के घरवालों का आरोप है कि आरोपी दनादन गोलियां दाग रहे थे, फिर भी पुलिसवाले उसे बचाने में जुटे रहे।

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विपक्ष ने इस वारदात पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सत्ताधारी लोग खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं और यह घटना प्रदेश में व्याप्त घोर अराजकता की एक और मिसाल है।बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष और उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यू.पी. में बलिया की हुई घटना अति-चिंताजनक तथा अभी भी महिलाओं व बच्चियों पर आयेदिन हो रहे उत्पीड़न आदि से यह स्पष्ट हो जाता है कि यहाँ कानून-व्यवस्था काफी दम तोड़ चुकी है। सरकार इस ओर ध्यान दे तो यह बेेहतर होगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए सम्बन्धित उपजिलाधिकारी सुरेश चंद्र पाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रकेश सिंह और मौके पर मौजूद सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित करने और घटना के दोषियों के खिलाफ ‘कठोरतम’ कार्रवाई के आदेश दिये हैं।

 

 

 

 

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