सीएम नवीन पटनायक पत्रकार

सीएम नवीन पटनायक के हवाई सर्वेक्षण के खुलासे पर पुलिस ने लिया पत्रकार को हिरासत में !

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ओडिया मीडिया हाउस ओडिशा टीवी ने आरोप लगाया है कि सीएम नवीन पटनायक के बाढ़ हवाई सर्वेक्षण के बारे में एक रिपोर्ट के लिए उनके वरिष्ठ पत्रकार रमेश रथ को पुलिस ने कथित तौर पर हिरासत में लिया है। ओटीवी के अनुसार चार से पांच व्यक्ति, जिन्होंने खुद को पुलिस बता रहे थे उन्होंने जबरन रथ को हिरासत में ले लिया और उसे एक अज्ञात स्थान पर ले गए। रथ का फोन तुरंत जब्त कर लिया गया और उन्हें अपने परिवार को भी फोन करने की अनुमति नहीं दी गई।
 ये घटना उस खबर में एक दिन बाद हुईं है जब ओटीवी ने सीएम द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण पर सवाल उठाते हुए एक रिपोर्ट प्रसारित की। एक आरटीआई के उत्तरों के आधार पर, मीडिया हाउस ने दावा किया था कि हेलीकॉप्टर संचालन के आधिकारिक रिकॉर्ड इस बात का समर्थन नहीं करते हैं कि सीएम ने हवाई सर्वेक्षण किया था।सीएम नवीन पटनायक ने 31 अगस्त को राज्य में बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया था और प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी।
हालांकि, OTV द्वारा एक्सेस किए गए RTI के जवाबों से पता चला है कि OSS एयर मैनेजमेंट के केवल एक हेलीकॉप्टर ने भुवनेश्वर हवाई अड्डे से 31 अगस्त को सुबह 10:12 बजे उड़ान भरी थी और 10:31 बजे वापस आ गया। ओटीवी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी और 19 मिनट में हवाईअड्डे पर वापस लौटा, जिसमें उड़ान का समय केवल साढ़े नौ मिनट था।रिपोर्ट में कहा गया था कि बाढ़ प्रभावित इलाका भुवनेश्वर से 45 समुद्री मील दूर है, जिसका मतलब है कि वापसी की यात्रा 90 समुद्री मील है। वीटीओएसएच चॉपर जिसमें ओडिशा के मुख्यमंत्री ने 19 मिनट में 90 समुद्री मील की दूरी तय की है यह संभव ही नहीं हैं। आरटीआई के अनुसार, उस दिन कोई वीवीआईपी कार्यक्रम नहीं था। इस आधार पर, OTV ने CM द्वारा किए गए हवाई सर्वेक्षण पर सवाल उठाया था।

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हालांकि, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) द्वारा ओटीवी के दावों को खारिज कर दिया गया, उन्होंने कहा कि सीएम ने वास्तव में उस दिन हवाई सर्वेक्षण किया था। AAI ने ओडिशा के मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव को एक पत्र लिखा जिसमें मुख्यमंत्री की हवाई यात्रा के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण दिया गया। एएआई ने कहा कि ओटीवी के दावे के विपरीत, 19 मिनट वास्तविक उड़ान का समय था, और इसमें वार्म-अप समय, एप्रन पर स्टार्टअप समय और रनवे पर टैक्सी का समय और लैंडिंग के बाद एप्रन पर वापस आना शामिल है।
यह भी कहा कि वीवीआईपी उड़ानों की हैंडलिंग के लिए एसओपी के अनुसार, वीवीआईपी का मतलब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, भारत के प्रधान मंत्री और विदेश राज्य मंत्री / सरकार। AAI ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को VVIP के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है, और इसलिए नवीन पटनायक के हवाई सर्वेक्षण को VVIP यात्रा के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएम द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला हेलीकॉप्टर एक उच्च गुणवत्ता वाला, जुड़वां इंजन वाला हेलीकॉप्टर है, और इस तरह के हेलीकॉप्टर भुवनेश्वर से गंभीर रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचने में केवल 5 से 6 मिनट का हवाई समय लेते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सीएम के हवाई सर्वेक्षण के वीडियो और तस्वीरें उस दिन मीडिया को जारी किए गए थे।

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