दिल्ली वायु प्रदूषण पर आप बनाम भाजपा

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दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदुषण को लेकर एक बार फिर बीजेपी और आप के बीच में माहौल गर्म हो गया है। आम आदमी पार्टी इसके लिए जहां केन्द्र सरकार को दोषी ठहरा रही हैं वहीं बीजेपी दावा कर रही हैं कि ये सब आप और स्थानीय कारणों के कारण दिल्ली में प्रदूषण अधिक है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया था कि डंठल जलाने के रोज डाटा में बदलाव आ रहा है। जिसके कारण 4% तक प्रदूषण बढ़ा है। इसके जवाब में, दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर, 2019 का एक आंकड़ा दिया की भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने एक अखबार की रिपोर्ट में दैनिक आधार पर इस तरह के आंकड़ों की भिन्नता के बारे में बताया। शर्मा ने दावा किया कि दिल्ली-एनसीआर में जलने वाली पराली के कारण प्रदूषण का हिस्सा वायु प्रदुषण पीएम 2.5, बुधवार को 1% था। वही गुरुवार को 6% और शुक्रवार को 18% थी।

शुक्रवार को AAP के हमले के बाद भाजपा का जवाबी आरोप सामने आया है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर प्रहार किया था, जबकि उसने दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण के बीच पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलते हुए पराली के डंठल की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर को नियुक्त करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था।आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया की हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भाजपा का शासन है, जबकि पंजाब में कांग्रेस का शासन है। ये दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर पराली के डंठल को जलाने की अनुमति दे रही हैं।

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भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष 65,000 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है और पर्यावरण विभाग को केवल 52 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उसने यह भी जानने की मांग की कि स्मॉग टावरों राष्ट्रीय राजधानी में कब आने वाले हैं। नुपुर शर्मा ने पूछा कि दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को तीन महीने के भीतर स्मॉग टॉवर लगाने के लिए कहा था लेकिन अब नौ महीने से ज्यादा हो गए हैं इस समय में दिल्ली सरकार ने कितने स्मॉग टॉवर लगाए गए हैं? दिल्ली सरकार से पूछना चाहती हूं कि दिल्ली सरकार ट्वीट करने, आरोप लगाने और सिर्फ नाटक करने के अलावा क्या कर रही है?

इन सब आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच में दिल्ली की समस्या जस की तस हैं। लोक डाउन के समय में जरूर कुछ प्रदूषण कम हुआ था और हवा की गुणवक्ता में भी काफी सुधार आया था लेकिन जैसे ही अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है दिल्ली का प्रदूषण लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है। लगातार वाहनों का प्रयोग, धुआं और बाकी सब प्रदूषण कारकों का जलना इसके मुख्य कारण है इसके लिए तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाना आवश्यक है, स्मॉग टॉवर और बाकी वह सभी उपाय जिस से प्रदूषण कम हो दिल्ली और केन्द्र सरकार को करने चाहिए। लेकिन लग रहा ही आपसी लड़ाई का परिणाम तो केवल दिल्ली की जनता ही भुगत रही हैं।

 

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