इमरती देवी को “आईटम” बोल दिए ? बड़े बेशर्म हो यार कमलनाथ जी

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कांग्रेस का खैराती सीएम बन कर मध्य प्रदेश में लूट मचने वाले कमलनाथ जी के बारे में अब क्या ही कह सकते है ! पूरा कार्यकाल नहीं कर पाने का मलाल इतना तगड़ा लगा हुआ है कि गाँधी परिवार के पक्के चमचे और स्वर्गीय इंदिरा गाँधी के “दूसरे” कहलाये जाने वाले कमलनाथ अपनी जुबां को इस कदर गन्दा कर बैठे है कि पूछिए ही मत। इस गन्दी जुबां को साफ़ करने की बजाय वह इसे बड़ी बेशर्मी से और गन्दा कर बैठे है।

मामला तो सबके सामने आ ही चुका है जिससे कांग्रेस का दलित विरोधी और स्त्री अपमानी चरित्र का पर्दाफाश हुआ है। मध्य प्रदेश में उपचुनाव होने वाले है और ग्वालियर ज़िले के डाबरा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज महिला नेता इमरती देवी मैदान में है जिनके लिए “आइटम” शब्द का इस्तेमाल कर कमलनाथ ने अभद्रता की हदें पार कर डाली है। कभी अपने पास ना बुलाकर कुर्सी पर न बैठाने वाले अपनी मुँह बोली बहन को ऐसी संज्ञा देकर कमलनाथ ने साबित कर दिया कि वह प्रियंका वाड्रा के बारे में क्या सोचते होंगे। शायद इंदिरा जी और वर्तमान में सोनिया गाँधी के अलावा कमलनाथ को किसी भी स्त्री का सम्मान करना ज़रूरी नहीं लगता है।

जब विवाद बढ़ना ही था तो राजासाहब कमलनाथ ने फिर सठियाये उम्र में बदज़ुबानी करते हुए कह डाला कि उनको नाम याद नहीं था इसलिए उन्होंने आईटम शब्द का इस्तेमाल किया था लेकिन दलित और महिला विरोधी एंगल सामने आ जाने के बाद से शाम तक उन्हें शायद दिल्ली हाईकमान से फटकार लगी होगी कि मैडम सोनिया उनसे नाराज़ है जिसके बाद इतना तो साफ़ है कि उन्हें दबे मन से माफ़ी मांगनी ही पड़ी तभी तो नौटंकी के मौन धरने पर बैठे सीएम शिवराज को उन्होंने पात्र लिख कर बची कुछ लीपापोती भी कर डाली, जिसमें उन्होंने कहा कि “झूठों” ने बढ़ा चढ़ा कर सब बता दिया है। उन्होंने आईटम शब्द कहने पर दलील दी कि यह कोई गाली नहीं है और अपने कृत को स्वीकारते हुए उसे सही करार दिया।

अपने पार्टी के उम्मीदवार सुरेश राजे के लिए ग्वालियर में वोट मांगने गए कमलनाथ जी ने उनके लिए तो भोले व्यक्ति जैसे अच्छे शब्द को चुना लेकिन इमरती देवी से दलित महिला होने के चलती इतनी घृणा उनके सत्ता जाने का मलाल रख लेने वाले मन में हो आई कि जुबां गन्दी हो गई किन्तु यह भी साफ़ है कि उन्हें इस इमरती देवी से माफ़ी मांगने में कोई दिलचस्पी नहीं है शायद उन्हें अपनी माता का सम्मान करना भी याद न रहा होगा तभी किसी स्त्री को बहन बोलने वाले वह कमलनाथ आज उन्हें आईटम जैसी गन्दी गाली देने से पहले शर्मिंदा होते किन्तु उन्हें पस्चताप नहीं खेद है. मामला ख़त्म , इमरती देवी रोई, तुम्हे फर्क़ नहीं पड़ता ! बड़े बेशर्म हो यार कमलनाथ जी।

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