राहुल गांधी कमलनाथ

राहुल गांधी को दुत्कार दिए कमलनाथ !

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मध्यप्रदेश के उपचुनावों में भाजपा की उम्मीदवार इमरती देवी को आइटम कहने पर बबाल मचा हुआ हैं। इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के आलाकमान नेता राहुल गांधी ने खुले तौर पर कमलनाथ की आलोचना की है। राहुल गांधी ऐसे पहले नेता है जिन्होंने इस बबाल पर कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ की आलोचना की हो। लेकिन कमलनाथ ने भी राहुल गांधी को किनारे करते हुए ज़बाब दिया की माफी नहीं मांगूंगा। राज्य के सत्तारूढ़ भाजपा की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निष्कासन के लिए कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी कहा जा रहा हैं। महिला उम्मीदवार द्वारा कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपील की जा रही है कि कमलनाथ को पार्टी से निष्कासित किया जाए। कमलनाथ की आइटम वाली टिप्पणी ने भारी विवाद उत्पन्न कर दिया है।

राहुल गांधी ने वायनाड में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि कमलनाथ जी मेरी पार्टी के हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से, मुझे उस प्रकार की भाषा पसंद नहीं है जिसका उन्होंने इस्तेमाल किया है … मैं इसकी सराहना नहीं करता, चाहे वह कोई भी हो। यह दुर्भाग्यपूर्ण है
इधर कमलनाथ ने भी संवाददाताओं से बातचीत में राहुल गांधी को ज़बाब दे दिया है और कहा है कि, “मैंने पहले ही उस संदर्भ को स्पष्ट कर दिया है जिसमें मैंने यह बयान दिया था … किसी से अपमान करने का इरादा नहीं होने पर मुझे माफी क्यों मांगनी चाहिए? यदि किसी ने अपमान महसूस किया है, तो मैं पहले ही खेद व्यक्त कर चुका हूं, लेकिन माफी मांगने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।

बीते रविवार को डबरा में चुनाव प्रचार के दौरान कमलनाथ नाथ ने इमरती देवी पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश राजे एक सरल और सज्जन व्यक्ति है और विरोधी उम्मीदवार तो आइटम हैं। मुझे उसका नाम भी क्यों लेना चाहिए ? आप सभी उसे मुझसे बेहतर जानते हैं। क्या आइटम है। कमलनाथ ने अब तक टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगी है। इसके बजाए वो सफाई दे रहे है कि मैंने उस शब्द का इस्तेमाल समझाने की कोशिश में किया क्योंकि वह भाजपा उम्मीदवार का नाम याद नहीं कर पा रहे थे।

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कमलनाथ की सरकार में इमरती देवी 15 महीने की सरकार में मंत्री रह चुकी थीं। वह उन 22 विधायकों में भी शामिल थीं, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ पार्टी से बाहर चली गई जिससे मार्च में कांग्रेस की सरकार गिर गई। ऐसे में ये कैसे माना जा सकता है कि 15 महीने कैबिनेट में मंत्री रही इमरती देवी का नाम कमलनाथ भूल गए और उसे आइटम तक कह दिया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना के विरोध में मौन विरोध किया और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को इस मुद्दे के बारे में लिख कर कार्रवाई की मांग की। इमरती देवी ने भी सोनिया गांधी से अपील करते हुए कहा कि वह भी एक मां हैं और ऐसे लोगों को अपनी पार्टी में नहीं रखना चाहिए वो इस तरह से महिलाओं का अपमान करें, क्या वह इसे बर्दाश्त कर पाएंगी अगर किसी ने उनकी बेटी के बारे में ऐसा कुछ कहा? अगर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल महिलाओं के लिए किया जाता है, तो कोई भी महिला चुप कैसे हो सकती है। सोनिया गांधी को मामले में कमलनाथ पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनकी गलती नहीं थी कि वह एक गरीब परिवार से आने वाली दलित महिला हैं। जिसके कोई कुछ भी कह देगा। यह महिलाओं का अपमान है।

इन सब बबाल के बीच ये बात साफ हो गई की कमलनाथ ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का भी मान नहीं रखा है और उनकी माफी मांगने की सलाह को भी दरकिनार कर दिया है। माना जाता है की राहुल गांधी कभी कमलनाथ खेमे के पक्षधर नहीं रहे है और ऐसे में कमलनाथ का राहुल गांधी को दरकिनार करना कही कमलनाथ को राजनीति में भारी ना पड़ जाए। अब सबकी नजरें सोनिया गांधी पर टिकी है कि वो क्या कहती है या क्या एक्शन लेती है।

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