नीतीश को दिग्विजय का खुला ऑफर,BJP-RSS छोड़कर तेजस्वी को आशीर्वाद दीजिए

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बिहार चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। जनता ने एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को अगले पांच सालों के लिए सत्ता सौंप दी है। वहीं एग्जिट पोल से उत्साहित महागठबंधन 110 सीटों पर सिमट गई। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को संघ और भाजपा का साथ छोड़ने की नसीहत दी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने बुधवार को ट्वीट करके नीतीश कुमार को तेजस्वी यादव के साथ आने की अपील की। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘भाजपा/संघ अमरबेल के समान हैं, जिस पेड़ पर लिपट जाती है, वह पेड़ सूख जाता है और वह पनप जाती है। नीतीश जी, लालू जी ने आपके साथ संघर्ष किया है। आंदोलनों मे जेल गए है।

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, ‘भाजपा/संघ की विचारधारा को छोड़ कर तेजस्वी को आशीर्वाद दे दीजिए। इस “अमरबेल” रूपी भाजपा/संघ को बिहार में मत पनपाओ। नीतीश जी, बिहार आपके लिए छोटा हो गया है, आप भारत की राजनीति में आ जाएं। सभी समाजवादी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों को एकमत करने में मदद करते हुए संघ की अंग्रेजों के द्वारा पनपाई ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति ना पनपने दें। विचार ज़रूर करें।

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अपने अगले ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘यही महात्मा गांधी जी व जयप्रकाश नारायण जी के प्रति सही श्रद्धांजलि होगी। आप उन्हीं की विरासत से निकले राजनेता हैं, वहीं आ जाइए। आपको याद दिलाना चाहूंगा जनता पार्टी संघ की ड्यूल मेंबरशीप के आधार पर ही टूटी थी। भाजपा/संघ को छोड़िए। देश को बर्बादी से बचाइए’।

वहीं दूसरी तरफ शिवसेना ने भाजपा पर जदयू का कद कम करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘चुनाव के पहले ही लग रहा था कि नीतीश का कद कम करना ही भाजपा का असल गेम प्लान था। भाजपा भले ही जदयू के नेतृत्व में 2005 से ही सरकार बनाती रही हो, लेकिन इस बार नीतीश का कद छोटा करके वो अपने दीर्घकालीन इरादों में जीत गई है। अपनी इसी इच्छापूर्ति के लिए उसने चिराग का दीया जलाया था, जो ‘जलता’ नीतीश से रहा और ‘रोशनी’ भाजपा को देता रहा।’

गौरतलब है कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार 243 में से 125 सीटों पर विजयी रहे हैं. यह बहुमत के लिए जरूरी 122 के जादुई आंकड़े से तीन अधिक है। आरजेडी की अगुवाई वाले विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटों पर जीत मिली है।महागठबंधन में सबसे बुरा प्रदर्शन कांग्रेस का रहा। 70 सीटें लड़कर कांग्रेस महज 19 सीटें जीत पाई। औसत प्रदर्शन करने के बाद अब कांग्रेस ने नीतीश कुमार को अपने पाले में करने की कोशिश की है।

 

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