West Bengal Assembly Elections 2021: दादा से जमीन वापस लेने की प्रक्रिया ममता बनर्जी ने शुरू कर दी है

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पश्चिम बंगाल में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं चुनावों के मद्देनजर पार्टियां अपनी जीत के लिए साम, दाम दंड और भेद का खेल खेलने में जुटी हुई हैं। अभी बंगाल की सत्ता पर तृणमूल कांग्रेस विराजमान है ममता बनर्जी बंगाल के मुख्यमंत्री हैं लेकिन इस वर्ष जनता किस पार्टी को अपना बहुमत देती है। यह चुनाव परिणाम के बाद देखने को मिलेगा खैर ममता बनर्जी ने सौरव गांगुली को स्कूल खोलने के लिए सरकारी जमीन आवंटित की थी। लेकिन अब दीदी कि सरकार ने जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दरअसल बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। जिसके बाद बंगाल की ममता सरकार ने सौरव गांगुली को दी हुई जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आपको बता दें गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय को ममता सरकार ने सड़क दी थी। लेकिन गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय की ओर से ममता सरकार पर असहयोग का आरोप लगाए गए तो ममता बनर्जी ने विश्वविद्यालय को दी गई सड़क वापस ले ली है।

खबरें यह भी है कि बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरभ गांगुली राजनीति में भी नई पारी शुरू कर सकते हैं और उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं भी तेज शुरू हो चुकी है।

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बंगाल की ममता सरकार ने 2013 में सौरव गांगुली को स्कूल बनाने के लिए न्यू टाउन की एक्शन एरिया में सौरव गांगुली को 2 एकड़ की जमीन दी थी। क्योंकि सौरव गांगुली ने गरीब परिवार के बच्चों के पठन-पाठन के लिए स्कूल बनाने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन सौरव गांगुली ने अगस्त 2020 में राज सरकार को एक चिट्ठी लिखकर जमीन वापस लेने का आवेदन किया था और कहा था स्कूल बनाने का अपना निर्णय वह फिलहाल अभी रद्द कर चुके हैं।

सौरव गांगुली ने अगस्त 2020 में राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर कह दिया था कि वह जमीन वापस देना चाहते हैं क्योंकि अभी उनका स्कूल खोलने का‌ इरादा नहीं है। लेकिन अगस्त से लेकर दिसंबर तक बंगाल की सरकार ने सौरव गांगुली की चिट्ठी पर चुप्पी साधे रखी थी। और जब सौरव गांगुली की मुलाकात राज्य के राज्यपाल जगदीप धनकर और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से होती है तो दीदी की सरकार तुरंत सौरव गांगुली द्वारा लिखी गई पर एक्शन लेना शुरू कर देती है। भैया यह राजनीति है राजनीति में चमक-दमक बनाए रखने के लिए सत्ता पर काबिज रहने के लिए कई प्रकार के चाले चली जाती हैं। सिर्फ बंगाल की सरकार नहीं देश में जितने भी राजनीतिक दल हैं सभी सत्ता पर काबिज होने के लिए जनता को पर्स लाते हैं वह कहते हैं और दूसरे पर तीखे वार करते हैं।

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