केरल सरकार का मंदिर में माइक धीरे बजाने का तानाशाही आदेश

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वामपंथियों का हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों और परंपराओं से नफरत करने का पुराना रिश्ता रहा है। जहां कहीं पर भी मौका मिलता है वहां पर यह वामपंथी हिंदुओं के दमन और उनकी परंपराओं का अपमान करने में लग जाते हैं। हाल ही में कुछ ऐसा ही घटनाक्रम केकल में देखने को मिला। जब केरल की सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार ने यह आदेश दिया कि अब मंदिरों में 55 डेसिबल से ऊपर की आवाज पर माइक को नहीं बजाया जाएगा। जिसके कारण वहां के लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो गया है।

दरअसल एक रिपोर्ट की मानें तो केरल की वामपंथी सरकार ने 7 जनवरी को ही आदेश के द्वारा यह फरमान जारी किया था कि अब मंदिरों में 55 डेसीबल से ऊपर की ध्वनि पर कोई भी स्पीकर नहीं बजाया जाएगा। 55 डेसिबल की ध्वनि उतनी ही होती है जितनी एक कमरे में बैठे हुए 2 लोग बातचीत करते हों। आदेश ने मंदिरों में लाउडस्पीकर के प्रयोग को लगभग पूर्णत प्रतिबंधित कर दिया है। अब लोग केरल सरकार के खिलाफ अपने गुस्से को व्यक्त कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कर रहे हैं। कई लोग तो बात बात पर हिंदू धर्म का ज्ञान देने वाले शशि थरूर पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं और उनसे केरल के इस आदेश पर जवाब भी मांग रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब हिंदुओं की धार्मिक आस्था को दबाने के लिए इस तरह का कदम वामपंथियों द्वारा उठाया जा रहा है। पहले भी वामपंथी लगातार हिंदू देवी देवताओं और हिंदू परंपराओं को निशाना बनाते आ रहे हैं।

हिंदू धर्म और हिंदू रीति-रिवाजों को निशाना बनाना वर्तमान समय में सबसे आसान और लोकप्रियता का सबसे सस्ता साधन बन गया है। अब समय आ गया है इस तरह के भद्दे मजाक करने वाले लोगों को एकजुट होकर सबक सिखाया जाए।

 

 

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