कंगना रनौत के “आज़ादी” वाले बयान पर नासमझी के चलते रार

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  • अजय सिंह

कंगना रनौत के बयान से आप कितने सहमत और असहमत ये एक अलग विषय है। लेकिन कंगना एक उम्दा कलाकार है उन्होंने अपने बूते बिना किसी गॉडफ़ादर के बॉलीवुड में अपना नाम और पहचान कायम किया।

और उनकी उपलब्धियों के लिए उंन्ह पद्मश्री दिया गया…..उनके इतिहास ज्ञान अथवा उनके विचारों के लिए बिल्कुल नहीं। तो कंगना के पद्मश्री पर सवाल महज खिसयानी बिल्ली खंबा नौचे।

संविधान या पद्म पुरस्कार की अहर्ता में कहीं नहीं लिखा के जिसे ये पुरुस्कार दिया जाएगा वो गांधीवादी होना अनिवार्य है। कंगना एक आजाद मुल्क की आज़ाद नागरिक हैं और उंन्ह अपने विचार रखने की आज़ादी भी पूरी पूरी है। पोलिटिकल क्लास इस पर बहस करे शौक से कंगना को गलत भी साबित करे…लेकिन हद में रहना भी सीखे।


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मीडिया में वायरल उनका अधूरा बयान उनके खिलाफ साज़िश को पुख्ता करता है और इस “सत्ता ट्रांसफर” वाली आज़ादी पर दस्तावेज़ उपलब्ध है अतः कंगना रनौत के आज़ादी वाले बयान पर बिना समझे रार से साफ़ एक लॉबी को उनसे ही दिक्कत है।

खास तौर से  कन्हैया कुमार के हमें चाहिए आज़ादी को जायज और कंगना के 2014 में आज़ादी को नाजायज मानने वाले बड़े दो ग ले से नज़र आते हैं।

जिनके घर ट्रांसपेरेंट हों \unhe लाइट बंद कर कपड़े बदलने चाहिए और भले नंगई नेहरू के जमाने की कांग्रेसी परंपरा हो पर अब जमाना मोबाइल कैमरे का है। झांकी बनते देर न लगती… तो कांग्रेस के शेख….. पहले अपनी देख!

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1 thought on “कंगना रनौत के “आज़ादी” वाले बयान पर नासमझी के चलते रार

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