तत्व हिन्दुत्व

‘तत्व’ के अर्थ में समझे हिन्दुत्व को

धर्म प्रमुख विषय
  • राज शेखर तिवारी

 

तत्व का अर्थ संस्कृत भाषा में “ सच्चाई “ या सत्य के रूप में ही लिया जाता है।जै से घड़े का तत्व मिट्टी है। अर्थात् घड़े की सच्चाई “ मिट्टी “ है। अब कोई कहे की मेरी मिट्टी लौटा दो और अपना घड़ा ले जाओ , तो क्या यह संभव है।

तत्व & हिन्दुत्व : भगवान बुद्ध ने भी जब तत्व की ही बात करी है तब सत्य की ही बात करी है। तो हिन्दु में तत्व लगने से हिन्दुत्व शब्द बना , और आपको डर लगने लगा । आप “ इज्म “ लगाकर चौड़े हो रहे थे। यह ism क्या होता है धूर्तों ?

और तत्व से वही डरेगा जिसका सब कुछ झूठ पर ही हो …तुम्हें हिन्दुत्व से क्यों डर लग रहा है ? क्या तुम मार्क्सवादी हो और तुम्हारा मार्क्सवाद नॉर्थ कोरिया और वेनेज़ुएला में फलने फूलने के बाद सऊदी में जाकर चुप हो गया है ?


कृषि कानून वापस होने पर अब उत्तरदायित्व राज्य सरकारों पे

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तुम्हें हिन्दुत्व से क्यों डर लग रहा है की तुम पूत मज़हब वाले हो और धरती चपटी रखी रहने में तुम्हारी पोल खुल रही है ? या तुम दूती हो जिसका गॉड सातवें आसमान पर है ? जिसको बीबी , ठेके पर मिलती हो और उसका प्रयोग खेती जैसा करते हो ?

सनातन धर्मीं, सत्य पर अडिग रहेंगे। और धर्म की स्थापना करने हेतु अधर्म और विधर्मियों का नाश करने से नहीं चूकेंगे। यदि सत्य से तुम्हें डर लगता है अर्थात् तत्व से तुम्हें डर लगता है तो वह डर उचित है।

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