कानून

स्वत: संज्ञान लेने वाला कानून कुंभकर्णी नींद में

प्रमोद शुक्ल  कई बार छोटी-छोटी बातों पर हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट स्वतह संज्ञान लेकर कानून के अनुरूप विवादों का निपटारा करने के लिए सक्रिय हो जाते हैं, पिछले 4 दिनों से महाराष्ट्र का राजनीतिक ड्रामा चालू है, लोकतंत्र का खुलेआम चीरहरण की कोशिश हो रही है, चौबीसों घंटे तमाम न्यूज़ चैनल इस चीरहरण के प्रयास का […]

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जयनारायण शर्मा

मध्य प्रदेश के जयनारायण शर्मा उर्फ बापजी का किस्सा

अजय रचनेकर मध्यप्रदेश में आगर मालवा नाम का एक जिला है। वहाँ के न्यायालय में सन 1932 ई. में जयनारायण शर्मा नाम के वकील थे। उन्हें लोग आदर से बापजी कहते थे। वकील साहब बड़े ही धार्मिक स्वभाव के थे और रोज प्रातःकाल उठकर स्नान करने के बाद स्थानीय बैजनाथमन्दिर में जाकर बड़ी देर तक […]

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चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस ऑफिस की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह

सुभाष चन्द्र   चीफ जस्टिस को निष्पक्ष होना ही  नहीं चाहिए, निष्पक्ष दिखना भी चाहिए- क्या ऐसा है ? चीफ जस्टिस का ऑफिस अपने  आप में एक संस्था है। वह और उस  संस्था के सर्वोच्च पद आसीन व्यक्ति जो चीफ जस्टिस होता है, दोनों को  न केवल निष्पक्ष होना चाहिए बल्कि निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। मगर […]

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