इस बीमारी से जूझ रहे थे इरफान खान , जानें पूरी डिटेल

इस बीमारी से जूझ रहे थे इरफान खान, जानें पूरी डिटेल

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इरफान खान : बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान की मौत हो गई है और उनकी मौत का कारण है एक ऐसी बीमारी जिसके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए ताकि आप इस बीमारी की चपेट में आने से बचे रहें।

इरफान खान बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता रहे हैं जिन्होंने अपने दम पर बॉलीवुड में पहचान बनाई और हॉलीवुड की फिल्मों में भी उन्होंने अपने अभिनय का दमखम दिखाया है। एक बीमारी से जूझ रहे इरफान खान ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। इरफान खान की मृत्यु हो गई है पर इसका कारण एक ऐसी बीमारी है जिसकी चपेट में आने वाले हजारों लोग  अपनी जानें गंवा देते हैं। यह बीमारी क्या है और यह किस प्रकार इंसान के शरीर को मौत तक ले जाती है इसके बारे में यहां आपको पूरी जानकारी दी जा रही है।

कैसे होती है यह बीमारी

इरफान खान को न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर था। यह एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय की इलाज के दौरान भी बहुत मुश्किल से ठीक हो पाती है लेकिन अगर इसमें दोबारा से संक्रमण का खतरा उत्पन्न हुआ तो इंसान अपनी जान से भी हाथ गंवा बैठता है और कुछ ऐसा ही हुआ बॉलीवुड के अभिनेता इरफान खान के साथ। दरअसल शरीर में एंडोक्राइन नाम की एक प्रणाली होती है यह एक ऐसी प्रणाली है जो विभिन्न कोशिकाओं से बनती है और हार्मोन को पैदा करती है। हार्मोन ठीक ऐसे पदार्थ होते हैं जो खून के जरिए पूरी बॉडी में और अन्य कोशिकाओं तक भी पहुंचते हैं। इनका प्रभाव शरीर के ऑर्गन और सेल्स पर भी पड़ता है। जब कोशिकाओं में कुछ विभिन्न प्रकार का बदलाव होता है तो या ट्यूमर का रूप ले लेता है जिसके बारे में आपको आगे बताया जा रहा है।

न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर कैसे होता है

यह ट्यूमर उस स्थिति में बनकर तैयार होता है जब हमारी स्वस्थ कोशिकाएं कुछ बदलाव आ जाने के कारण अनियंत्रित हो जाती हैं और वह अनावश्यक रूप से बढ़ने लगती हैं। इस कारण शरीर के अंदर छोटे-छोटे फोड़े हो जाते हैं। इनमें कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं लेकिन उनका सबसे ज्यादा खतरा कोलन में होता है। नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के द्वारा यह बताया गया है कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल या मिडगट ऐसा कॉमन एरिया है जहां पर ट्यूमर का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

कैसे ठीक किया जा सकता है न्यूरोएंडोक्राइन टयूमर

कस्टमर को ठीक करने के लिए कई प्रकार की सर्जरी या फिर कीमोथेरेपी का सहारा लिया जाता है लेकिन इसका दुष्प्रभाव भी शरीर के अंगों पर पड़ता है जिसके भविष्य में होने वाले परिणाम आपकी बॉडी को काफी कमजोर बना देते हैं। इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि ट्यूमर कितना बड़ा है और वह  किस तरीके से निकाला जा सकता है। ट्रीटमेंट के लिए सर्जरी रेडिएशन  और गंभीर क्षति होने पर कीमोथेरेपी  भी इस्तेमाल की जाती है। इसके इलाज के दौरान आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है जिसके कारण आप अन्य रोगों की चपेट में बड़ी आसानी से आ सकते हैं।

न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के लक्षण क्या हैं

न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के लक्षण इंसान बड़ी आसानी से समझ सकते हैं। हालांकि कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनमें उनके लक्षण नहीं समझ में आते हैं और जब इलाज के लिए उनका परीक्षण किया जाता है तब इसकी जानकारी होती है। अगर आम लक्षणों की बात करें तो स्किन फ्लशिंग और ब्लड शुगर लेवल में अचानक से बढ़ोत्तरी या फिर बहुत ज्यादा कमी महसूस किया जा सकता है।

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