छद्म पर्यावरणवादी ब्रिगेड

सड़कों को चौड़ा करने से सेना को रोकने सामने आई छद्म पर्यावरणवादी ब्रिगेड

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सामने आई छद्म पर्यावरणवादी ब्रिगेड ! कॉलिन गोंजालेस और मोहम्मद आफताब ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा है कि भारतीय सेना जो सड़कों को चौड़ा कर रही है उसे तुरंत रोका जाए क्योंकि यह पर्यावरण के लिए खतरा है उन्होंने अपने तर्क में कहा ”युद्ध के दौरान सेना हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर सकती है.”

भारतीय सेना ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल 52 फीट लंबी है दूसरे बहुत से साजो समान हैं जिनका तुरंत सीमा पर युद्ध की स्थिति में तुरंत सीमा पर ले जाना बहुत जरूरी होता है।

सोचिए यह लोग किस तरह की साजिश में भारत के खिलाफ कर रहे हैं मोहम्मद आफताब को पर्यावरण और जीव-जंतुओं की बहुत चिंता है लेकिन ईद पर जो करोड़ों जानवर काट दिए जाते हैं उसकी चिंता उसे नहीं है।


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हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा सीमाओं पर सड़कें चौड़ी होना जरूरी है और युद्ध की स्थिति में आवागमन अविरल जारी रहे उसके लिए सुप्रीम कोर्ट को इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है कि पर्यावरण का ख्याल रखा जा रहा है कि नहीं सवाल यह है कि हमें अपने देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

सड़कों को चौड़ा करने से सेना को रोकने सामने आई छद्म पर्यावरणवादी ब्रिगेड और इन देश विरोधी वामी लोगों से ही देश को असली खतरा है क्योंकि यह वही सफेदपोश लोग हैं जो कि माओवादियों का एकॉउंटर करने वाले वीर सीआरपीएफ जवानों के खिलाफ ह्यूमन राइट्स की आड़ मुक़दमे करते थे।

अब पर्यावरण की फर्ज़ी अलख जगाने से सड़क चौड़ीकरण के कार्य को रोका जा रहा है जबकि स्वयं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कम समय में तैयार रहने का निर्देश सशस्त्र बलों को स्पष्ट तौर पर दिया दे दिया ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ऐसे देश विरोधी लोगों के बकवास बात करने वाली याचिका को देख सुनवाई भी कर लेती है जो कि देश की सुरक्षा के साथ खतरनाक समझौता है जिसे देश का जनमानस कटाई बर्दाश्त नहीं करेगा।

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