ब्लैक लाइव्स मैटर टीम इंडिया

ब्लैक लाइव्स मैटर पर घुटने टेकने वाली टीम इंडिया बांग्लादेश में हिन्दुओं का कत्लेआम भूल गई

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ब्लैक लाइव्स मैटर टीम इंडिया : भारतीय क्रिकेट टीम ने कल टी-20 वर्ल्ड कप 2021 में अपने अभियान की शुरुआत चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ करारी हार के साथ की। खैर जो अच्छा खेला वह जीता और किसने क्या कहा इस पर किसी और का बस नहीं होता अतः उस पर न ही करना बेहतर होगा क्योंकि भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर ऐसा जज़्बाती वातावरण बना ही रहता है जो अमूमन क्रिकेट में सदैव ही रहा है।

मैच से ठीक पहले संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिका के प्रचलित आंदोलन मुद्दे ब्लैक लाइव्स मैटर के उल्लेख में भारतीय क्रिकेट टीम यानी टीम इंडिया के खिलाडियों ने घुटने के बल मुद्रा में अपना समर्थन एवं सम्मान प्रदान किया जबकि यह मुद्दा अब अमेरिका में विलुप्त सा हो चुका है जिसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं – डोनाल्ड ट्रम्प की सत्ता से विदाई और जो बिडेन सरकार का आना जैसा कि वामी-लिबरल-मुस्लिम लॉबी चाहती थी और दूसरा इस आंदोलन के खड़ा होने के पीछे असली वजह मृतक अश्वेत जॉर्ज फ्ल्यूड के हत्यारे श्वेत डेरेक चौविन को कानून ने सजा दे दी है, यानी दूसरे शब्दों में जॉर्ज फ्ल्यूड की आत्मा को इन्साफ वाली शान्ति मिल चुकी है यद्यपि वह स्वयं कथित चोर था। इतना स्पष्ट है कि इस तत्कालीन ब्लैक लाइव्स मैटर का वर्तमान में कोई अस्तित्व नहीं है।


केवल बॉलीवुड में ही 3 दशकों तक उल्टी गंगा क्यों बही ?


ब्लैक लाइव्स मैटर टीम इंडिया : अब यह बात समझ से परे है कि टीम इंडिया को यूएई जैसे तीसरी दुनिया वाले देश में इस मुद्दे पर ऐसा “वोक” स्टंट करनी क्या ज़रुरत थी ? टीम इंडिया मानिये सच में “वोक” बन चुकी है जो बिना किसी तर्क, समझ के मनगढ़त बकवास में आकर कप्तान विराट कोहली जैसे मूढ़ व्यक्ति की बातों का अनुसरण कर रही है जबकि स्वयं किसी अन्य देश या यहाँ तक कि दक्षिण अफ्रीका जैसे देश ने भी इस मुद्दे को कोई महत्व नहीं दिया क्योंकि वास्तव अब यह प्रचलित नहीं है, इसको लेकर कोई भी ऑनलाइन या ज़मीनी गतिविधि नहीं है लेकिन कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की करामाती कम हारंटी जोड़ी को केवल यही मुद्दा मिला खुद को “इंसान” साबित करने के लिए।

टीम इंडिया के प्रत्येक खिलाड़ी से केवल एक ही सवाल है। अगर आपको किसी मुद्दे पर समर्थन एवं सम्मान देना ही था तो वह बांग्लादेश में हिन्दुओं के निर्मम हत्याकांड पर क्यों नहीं घुटने के बल पर आई ? क्यों नहीं कम से कम अपनी जर्सी पर काले रंग का पट्टा बांधकर अपना विरोध दर्ज़ करवाया ? कश्मीर में पाकिस्तानी आंतकवादियों द्वारा मारे जा रहे भारतीय नागरिकों के विरोध में पाकिस्तान के खिलाफ मैच बहिष्कार कर दिया ? जवाब शायद यही मान लिया जाए कि आज के अफसोसनाक सूरत-ए-हाल में टीम इंडिया के बांग्लादेश में हिन्दुओं की जानें, कश्मीर में मारे जा रहे सिख-हिन्दू और हमारे जवानों की जानें “डू नॉट मैटर” !

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