यूएई ने इस्लामिक कानून में छूट देकर भारत के कट्टर मौलवियों को दिखाया आइना

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इस्लाम का जन्म मध्य एशिया में हुआ था। ऐसे में आज भी अगर जो देश पूरी तरह से इस्लामिक शरिया कानून को फॉलो करते हैं। वह मध्य एशिया में ही विराजमान हैं। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ईरान, जॉर्डन आते हैं।

जहां पर पूरी तरह से शरिया कानून चलता है। मगर अब यूएई ने अपने यहां पर शरिया कानूनों में कुछ ढील दी है। यह भारत के उन मालिकों पर तमाचा है जो भारत में कट्टरता से फैलाते हैं क्योंकि जहां इस्लामिक देश शरिया कानून होने के बावजूद अपने यहां कानूनों पर ढील दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत के धर्मनिरपेक्ष राज्य होने के बावजूद यहां के मौलवी कट्टरता फैला रहे हैं।

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यूएई ने बदले ये इस्लामिक कानून

  • संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ा बदलाव किया गया है कि अब 21 वर्ष या उससे अधिक के व्यक्तियों को शराब पीने पर रखने और बेचने की छूट प्रदान की गई है। इससे पहले शराब को रखने और बेचने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था। मगर अब नए कानून के मुताबिक इसमें कुछ राहत प्रदान की गई है।
  • यूएई के शरिया कानून के तहत में यह सबसे बड़ा बदलाव होगा। जब अब यूएई में कपल जो कि अविवाहित हैं। वह एक साथ रह सकेंगे। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात में यह एक गंभीर अपराध माना जाता था। हालांकि पुलिस मुख्य शहरों में विदेशियों को कुछ राहत जरूर प्रदान करती थी मगर फिर भी सजा का खतरा लगातार बना रहता था।
  • नए कानून के मुताबिक अब संयुक्त अरब अमीरात में ऑनर किलिंग भी एक गंभीर अपराध की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इससे पहले यदि कोई पुरुष किसी महिला को इस आधार पर मार देता था कि वह घर के सम्मान को ठेस पहुंचा रही है तो वह आराम से सजा से बच जाता था। परंतु अब ऐसा नहीं होगा।

यूएई के इस्लामिक कानून में यह बदलाव अमेरिका की मध्यस्थता के कारण संभावित हैं। इसके पहले यूएई ने इजरायल के साथ अच्छे संबंधों की स्थापना करके यह जता दिया है कि वह एक कट्टर विचारधारा पर नहीं चलने वाला है बल्कि वह समय के साथ अपने नियम और कानूनों में बदलाव करता रहेगा। यह अन्य इस्लामिक देशों के लिए भी एक सीख होगी।

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